My Corner..

My Corner..

Nov 9, 2014

मुस्कुराहट

एक दिन अचानक, राह में, मायूस सी, मुस्कुराहट मिल गयी..
पूछने पर सबब उसकी उदासी का, वो मुझसे ही पूछने लगी..
कि आजकल तो, अपनी ज़िंदगी में, सब हैं इतने रमे हुये..
कि हर वक़्त, अपने असली चेहरे, वो दुनिया से है छुपा रहे..
हर शक़्स की चाहत है ज़िंदगी में बस पैसा और शोहरत कमाने की..
फिर आखिर क्या अहमियत है आज इस संसार में "मुस्कुराहट" की??

किंकर्तव्यविमूंड सी मैं, उस समय सोचने लग गयी..
क्यूं आज हमें मुस्कुराने को भी, है कोई वजह ढूढ़नी पड़ रही..
जब रोना हो, तब तो हम, बेमतलब भी रो जाते हैं..
पर बेमतलब हॅंसने वाले को, क्यूं पागल हम बुलाते हैं??
मुस्कुराहट को अपने साथ बिठा, मैं उसे समझाने लग गयी..
में उसे बताने लग गयी अहमियत, उस हल्की सी मुस्कुराहट की..

जब थक जाती हैं ये आँखें, करते करते इंतज़ार..
अजनबी सा लगता है जब हर चेहरा हमें, जिसे देखा हो बार बार..
फ़र्क नहीं कर पता जब मन, अपने और पराये की..
तब समझ आती है अहमियत हमें, उस हल्की सी मुस्कुराहट की..:)

खोये खोये से हो जब हम, किसी उलझन को सुलझाने में..
आराम नहीं मिलता हमें जब, किसी ठोर ठिकाने में..
किसी की हर बात जब चुभने लगे, इस दिल में एक कांटे सी..
तब समझ आती है अहमियत हमें, उस हल्की सी मुस्कुराहट की..:)

थक हार के जब उम्मीद की आखिरी किरण भी बूझने लगे..
बंद हो जाये जब, मंजिल तक जाने के सब रास्ते..
दूर तलक जब दिखाई ना दे, परछाई किसी हम-सफर की..
तब समझ आती है अहमियत हमें, उस हल्की सी मुस्कुराहट की..:)

हज़ारो मुखौटे लगा के इंसान, किसी "मंजिल" को पाना चाहता है..
पर बस हल्की सी मुस्कुराहट से तो, पूरी दुनिया को जीता जा सकता है..
अब चाहे कोई माने या ना माने.. पर ये तो यथार्थ है.. 
कि ज़िंदगी में, मुस्कुराहट का, होना अनिवार्य है..
ये सब सुन के, थोरा इतरा के, मुस्कुराहट, मेरे लबों पर आ गयी..
बोली, चलो अब तुम ही दिखा दो अहमियत, उस हल्की सी मुस्कुराहट की..:)

Nov 3, 2014

Get Married





[Ultimately the solution to all problems according to them is marriage itself.]

In our Indian society, marriage has its own importance..
Everyone gets married, some readily and some with reluctance..
Woes of relatives of an Indian Girl are many and Scary..
So this is how an adolescent girl is forced to marry..:\

[All conversations start with.]
It is high time now.. Stop roaming around Oh! you beauty!!..
Just free your parents from their only remaining duty..
can't you see their faces, they are so much worried..
Girl!! listen to them..Forget everything, and get married..:P

[Then it goes on.]
Late marriage means Late Kids.. and it has got its problems..
All Uncles, Aunties and Relatives are having their own chatters..
Be aware Girl!! Challenges in front of you are many and varied..
OK just to stop their endless chants.. Please get married..:D

[Now its the Age factor.]
You know very well you are getting old day by day..
Plan something fast.. Lets Fix it for September or May..
Time waits for none, You will also get wearied..
So My Dear as soon as possible.. You should get married..;)

[Right Time for marriage :P]
For how long you will be busy in this work which never ends..
See everyone around you.. your colleagues.. your cousins.. your friends..
so many of them had their palanquins already carried..
Believe me "child", now is the right time just get married..:P

See now time is flying.. and you are getting bored..
Like School, College and Job.. this also cannot be ignored..
everything gets blown and everybody gets buried..
To solve all your problems and worries.. you should get married..:-x

Sep 15, 2014

हमारे देश की ये धड़कन है

मातृभाषा है हमारी हिन्दी, मात्र एक भाषा नहीं..
हमारे देश की अखंडता का भी, श्रोत तो है हिन्दी ही..
फिर क्‍यूं आज तक इसको मिला, राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं?..
क्‍यूं जाति और प्रांतो के नाम पर हमने है यह दुत्कार दी?..
ऐसा तो है नहीं की ये भाषा किसी भी मायने में कम है..
हमारी सभ्यता, हमारी संस्कृति, हमारे देश की ये धड़कन है..

आजकल कोई भीड़ में अगर हमे हिन्दी बोलता मिल जाये..
वो पढ़ा-लिखा, विद्वान, भी क्यूं एक गँवार कहलाया जाये|
हमारी मातृभाषा के अनादर का प्रत्यक्ष उदाहरण हमे तब मिलता है..
जब हिन्दी की कक्षा में आने को छात्र "मे आइ कम इन सर", कहता है..
ऐसा तो है नहीं की ये भाषा किसी भी मायने में कम है..
हमारी सभ्यता, हमारी संस्कृति, हमारे देश की ये धड़कन है..

आज का युवा वर्ग जागरूक है.. वो जानता है की हिन्दी हमारी मातृभाषा है..
परंतु भविष्य की चिंता में, वो अँग्रेजी सीखने को विवश किया जाता है..
पूरे साल में क्‍यूं हम केवल एक बार ही इस भाषा को याद किया करते हैं?..
और उसके बाद हिन्दी को भूल अँग्रेजी का ही गुण-गान करते रहते हैं|..
ऐसा तो है नहीं की ये भाषा किसी भी मायने में कम है..
हमारी सभ्यता, हमारी संस्कृति, हमारे देश की ये धड़कन है..

ऐसा बिल्कुल नहीं है की हम हिन्दी को राष्ट्र-भाषा कभी नहीं बना सकते..
पूरा हिन्दुस्तान एक हो जाये बस.. हम इसको उचाईयोँ तक हैं पहुँचा सकते..
फिर वो दिन दूर नहीं.. जब विदेशो में हिन्दी सीखी और बोली जायेगी!!..
हिन्दी की विश्व में बनी यह पहचान, हमारा स्वाभिमान, सम्मान और गर्व बढ़ाएगी||
क्यूंकि..
ऐसा तो है नहीं की ये भाषा किसी भी मायने में कम है..
हमारी सभ्यता, हमारी संस्कृति, हमारे देश की ये धड़कन है..

जय हिन्द.. जय हिन्दी..

Aug 3, 2014

Happy Friendship Day..:)


Sometimes there are some feelings we need to share..
& its really lucky to have someone always ready to hear..
Hidden for so long  in a corner of your heart..
And we even do not know from where to start.. :P

They listen calmly to all our nonsense..
Our Sadness is gone just by their presence,
They even support us to talk more and more..
you feel real happiness in your deep heart's core.

They are in your heart, no matter they live how far..
Are you still wondering who they are!!!
They are your confidante, They are your friends..
They are those 'essential' Vitamins every one recommends!

In your neighborhood, school, college or workplace..
Everywhere you can find some friends.. hard to 'replace'.
They have a special place in your life.. where they are gonna stay..
For all those Awesome n Weird friends out there, A very Happy F' ship Day..:)

Jun 18, 2014

Smiling in every situation..


Smiling in every situation, listening calmly to everyone..
do you think its an easy job with so much fun?

You need a calm mind, and also a silent mouth..
so that you can bear everything without any urge to shout.
Then you need a corner, which only you should own..
where you can show your emotions that need to be shown.
Because you will be angry..and you will feel pain..
After all, all these feelings, are quite humane.

Also you need a place, hidden from the world..
where you can run away.. unseen.. unheard..
Cause your disappearance for sometime may not even matter..
for those folks who need you for their help and chatter.
Often you will be accused of being a niggard..
And your condition Dear! will not even be considered.

Though you try to take care of everyone near and dear..
Do remember!! so many responsibilities are really hard to bear.
If in any way or manner your interests are harmed..
Never lose your patience, be calm and be informed..
"You are always responsible for anything wrong"..
"You can't blame anyone, remember that lifelong".

Finally you need another 'you', and your job is done..
And that is near to impossible, as you are only 'One'!!
Luckily if you find that one person.. then you are 'perfect'..
Now you are ready to face this world, just be ready to 'act'..

Smiling in every situation, listening calmly to everyone..
do you 'still' think its an easy job with so much fun?..

May 3, 2014

राजनीति

राजनीति

थोड़ी अलग, थोड़ी अजब, थोड़ी भ्रष्‍ट, है ये राजनीति..

चाहे मानो या ना मानो.. है ये ही सच्चाई आजकल की..

 

यूं तो राजनीति चली आ रही है, महाभारत के समय से ही..

जब धर्म के धुरंधरो को चुनौती, शकुनि के षड्यंत्र से मिली..

परंतु तब धरा पर कृष्ण थे, उनके साथ 'गीता' का ज्ञान था..

और आज विश्व पर छाई है.. बस तृष्णा और अज्ञानता!

 

केवल सत्ता की लालसा में पुत्र, पिता को है दुत्कारता..

भूल गया मनुष्य मनुष्यता को, आज वो प्यार नहीं पहचानता.

सब आरोप मढ़ते है.. एक दूसरे पर स्वयं की भूल का..

आजकल पशुओं में दिखता है वात्सल्य और मानव में क्रूरता.

 

थोड़ी अलग, थोड़ी अजब, थोड़ी भ्रष्‍ट, है ये राजनीति..

चाहे मानो या ना मानो.. है ये ही सच्चाई आजकल की..

 

चाहे हो गाँव का आंगन, या पॅसेंजर ट्रेन या हो चमचमाती कार..

या हो ऑफीस की कॅंटीन, या घर, या हो मीना बाज़ार..

हर भारतीय के मन में बसा है आजकल बस ये ही एक सवाल..

कि.. आखिर किसकी होगी अगली सरकार??...

 

हर नेता साबित करता है, विरोधी को सबसे बड़ा अपराधी..

कुर्सी के लिये छली जा रही है आज जनता सीधी साधी.

आगे वो नेता चुनाव जीत कर, ज़िंदगी के मज़े उठाएंगे..

फिर मिल जाये वो विरोधी कहीं.. तो उसको गले लगायेंगे.

 

बस पाँच साल की बात है.. कि इन लोगो का साथ हैं..

और अगले चुनाव में उन्हे.. फिर करने दो-दो हाथ हैं..

सब बोलते तो रहते हैं.. कि देश का भविष्य सुधारना है..

पर असल मकसद तो हर किसी का बस सत्ता को पाना है.

 

थोड़ी अलग, थोड़ी अजब, थोड़ी भ्रष्‍ट, है ये राजनीति..

चाहे मानो या ना मानो.. है ये ही सच्चाई आजकल की..

 

हम और आप बस बोल कर कुछ खास बदलाव नहीं ला सकते..

जैसे की गरजने वाले बादल, वर्षा नहीं करा सकते.

इसलिये अगर मन में आस है.. देश में बदलाव लाने की..

तो आवशयकता है हमे, चुनाव में अपना मत डालने की..

 

क्यूंकि बदलाव तभी आयेगा, जब बदलाव हम लायेंगे..

नहीं तो कुछ समय बाद हम, दाने - दाने को मोहताज़ बन जायेंगे.

इस प्रजातांत्रिक देश में.. हमको अपनी ताकत दिखानी है.

हमे अपनी सरकार, हमारे लिये, खुद के बहुमत से बनानी है..

 

थोड़ी अलग, थोड़ी अजब, थोड़ी भ्रष्‍ट, है ये राजनीति..

चाहे मानो या ना मानो.. है ये ही सच्चाई आजकल की..